सुकन्या समृद्धि योजना' बालिकाओं के लिए एक छोटी विशेष जमा योजना है, जिसे 'बेटी बचाओ बेटी पढाओ' अभियान के एक भाग के रूप में शुरू किया गया। इस योजना के अंतर्गत बेटी के नाम पर जमा की जाने वाली राशि पर आकर्षक ब्याज दर प्राप्त होती है और इस राशि पर आयकर छूट प्रदान की जाती है। परिपक्वता की अवधि पूरी होने पर यह राशि बेटी को प्राप्त होती है। लाभ जमाओं पर ब्याज दर: 8.40% ( 1 अक्टूबर, 2019 से प्रभावी)। मासिक ब्याज भुगतान के विकल्प के साथ प्रतिवर्ष जमा राशि के पूर्ण हजार पर संयोजित ब्याज की गणना की जाएगी। जैसा कि आईटी अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत इस योजना के अंतर्गत मिलने वाला लाभ त्रिस्तरीय छूट तक बढ़ाया गया है यानी निवेश की गई राशि, ब्याज के रूप में अर्जित राशि और निकाली गई राशि पर कोई कर नहीं लगेगा। पात्रता 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष की कम आयु की बच्चियों के माता-पिता या कानूनी अभिभावक (दत्तक बालिका सहित) उनके नाम पर जमा खाता खोल सकते हैं। तीन बालिकाएं, यदि दूसरे जन्म के रूप में जुड़वां लड़कियों के मामले में या पहले जन्म में ही तीन बालिकाओं का जन्म होता है। बालिका के नाम से केवल एक खाता खोला जा सकता है। इस खाते में न्यूनतम 250 रुपये की शुरुआती राशि एवं उसके बाद 150 के गुणनफल के साथ एक वित्तीय वर्ष में 15000 रुपये की अधिकतम राशि जमा की जा सकती है। खाते के खुलने की तारीख से 15 साल तक की अधिकतम अवधि राशि जमा की जा सकती है। खाता खोलने की तिथि से या खाताधारक की शादी से 21 वर्ष पूर्ण होने पर, जो भी पहले हो, यह राशि परिपक्व होती है। बालिका के जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता किससे संपर्क करना है खाता पोस्ट ऑफिस और अधिकृत बैंकों की शाखाओं में खोला जा सकता है। आवेदन पत्र सुकन्या समृद्धि खाता योजना के फॉर्म के लिए यहां क्लिक करें। योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहां क्लिक करें।