प्रमुख उद्देश्य इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्ल्यूपीएस) केवल 40-59 आयु वर्ग के विधवाओं को कवर करती है, कुछ राज्य सरकारों ने राज्य की विधवा पेंशन योजनाओं को शुरू किया। बिहार में लक्ष्मीबाई पेंशन योजना 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी विधवाओं को लाभांवित करती है, जिनकी वार्षिक परिवार की आय 60,000 रुपये से कम है। लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को मुख्यत: विधवाओं के कल्याण के लिए वर्ष 2007 में आरंभ किया गया। इस योजना में जिन विधवा महिलाओं को पेंशन दी जाती है जाे- 18-39 वर्ष आयु वर्ग की हो एवं जो या तो बी.पी.एल. परिवार की हो या जिनकी वार्षिक आय रु. 60000/- से कम हो। 40 से 59 वर्ष आयु वर्ग की हो एवं जिनकी वार्षिक आय रु. 60000/- से कम हो। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की हो एवं जिनकी वार्षिक आय रु. 60000/- से कम हो। लाभ इस योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को प्रतिमाह की निर्धारित राशि प्रदान की जाती है। पात्रता 18-65 वर्ष आयु समूह की और 65 वर्ष से अधिक की वे विधवा महिलाएं- जो राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं के लाभ प्राप्त करने की पात्र नहीं हैं- इस योजना के अंतर्गत लाभ की पात्र हैं। इसके पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं 18-39 वर्ष आयु वर्ग की हो एवं जो या तो बी.पी.एल. परिवार की हो या जिनकी वार्षिक आय रु. 60000/- से कम हो। 40 से 59 वर्ष आयु वर्ग की हो एवं जिनकी वार्षिक आय रु. 60000/- से कम हो। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की हो एवं जिनकी वार्षिक आय रु. 60000/- से कम हो। 60 या उससे अधिक वर्ष की वे महिलाएं जो लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की पिछली लाभार्थी थीं और जिन्हें बीपीएल सूची में शामिल न होने के कारण राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में शामिल नहीं किया गया। वे महिलाएं जो बिहार की निवासी हैं और आवेदन की तिथि के बाद कम से कम दस वर्ष से राज्य में रह रही हैं। कैसे प्राप्त करें इस योजना को 15 अगस्त, 2011 से लोक सेवा अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत लाया गया। योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को प्रखण्ड कार्यालय में विहित प्रपत्र (प्रपत्र-I) में दो प्रतियों में फोटो सहित एवं बी.पी.एल. प्रमाण पत्र/आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र तथा अधिवास प्रमाण पत्र के साथ आवेदन अपने प्रखंड कार्यालय में जमा करना होता है। आवेदक को आवेदन पत्र के जमा करने के पश्चात् प्राप्ति रसीद प्राप्त कर लेना है जिसके आधार पर वे अपने आवेदन के संबंध में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। निश्चित समय में आवेदन पत्र के आधार पर अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा पेंशन की स्वीकृति दी जाती है। आवेदन रद्द होने की सूचना भी आवेदक को दी जाती है। स्वीकृति के उपरान्त स्वीकृत्यादेश की एक प्रति संबंधित डाकघर को प्रेषित की जाती है। पेंशन की राशि पोस्ट ऑफिस में लाभार्थी के बचत खाते में जमा की जाती है। स्त्राेत : सीवान जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार।