याेजना का उद्देश्य इंजीनियरिंग कोई भी विद्यार्थी जिसका JEE मेंस परीक्षा में रेंक ५० हजार के अंतर्गत हो। अगर विद्यार्थी किसी भी शासकीय अथवा अशासकीय इंजीनियरिंग कोलेज में प्रवेश प्राप्त करता है तो शासकीय कोलेज की पूरी फ़ीस राज्य शासन द्वारा वहन की जावेगी । साथ ही प्रायवेट कोलेज की फ़ीस 1.5 लाख रूपए या वास्तविक शिक्षण शुल्क जो कम हो राज्य शासन द्वारा वहन की जावेगी मेडिकल जिन छात्रों ने रास्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा (NEET) से मेरिट पाकर देश के किसी भी केंद्र या राज्य सरकार के मेडिकल कोलेज अथवा मध्यप्रदेश में स्थित प्रायवेट मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला प्राप्त किया हो। शासकीय मेडिकल कोलेज में विद्याथियो की पूरी फ़ीस एवं निजी क्षेत्र में देय शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जावेगा। मिलने वाले लाभ CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट ) के माध्यम से देश भर में रास्ट्रीय विधि विश्वविध्यालय (NLU) में बारहवी कक्षा के बाद एडमिशन बाले कोर्स की पूरी फ़ीस राज्य शासन द्वारा वहन की जावेगी। मध्यप्रदेश में स्थित भारत सरकार तथा राज्य सरकार के प्रमुख संस्थान जैसे योजना तथा वास्तुकला विद्यालय ,भोपाल (SPA),IIM इन्दोर के 5 वर्षीय इंट्रीग्रेड पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम के कोर्स की पूरी फ़ीस राज्य शासन द्वारा वहन की जावेगी। राज्य शासन के सभी कोलेज जिसमे बी.एस.सी , बी.ए , बी.कॉम , नर्सिंग ,पॉलिटेक्निक तथा स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमो की पूरी फ़ीस राज्य शासन द्वारा वहन की जावेगी। लाभ लेने की पात्रता विद्यार्थियों का मध्यप्रदेश का निवासी होना आवश्यक है। विद्यार्थी के पिता/ पालक की वार्षिक आय रू. ६ लाख से कम हो। वर्ष 2017 में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वी की परीक्षा में 75 % या उससे अधिक अंक अथवा सी.बी.एस.ई / आई.सी.एस.ई द्वारा आयोजित 12कक्षा में । संचालन विभाग तकनीकी शिक्षा, काैशल विकास एवं राेजगार विभाग। स्त्राेत: तकनीकी शिक्षा, काैशल विकास एवं राेजगार विभाग, मध्यप्रदेश शासन, मध्यप्रदेश।