परिचय वर्ष 1980-81 में हरियाणा में श्विधवाओं एवं निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना प्रारम्भ की गई थी । इस योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को, जोकि स्वयं अपने साधनों से आजीविका कमाने में असमर्थ हों तथा उन्हें राज्य से वित्तीय सहायता की आवश्यकता हो, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है । पेंशन की दर, जोकि योजना के प्रारम्भ में 50/-रूपये प्रतिमास थी, समय-समय पर बढ़ाई गई । पेंशन की दर 01-01-2014 से बढ़ाकर 1000/-रु प्रतिमास प्रति लाभपात्र की गई । दिनांक 01.01.2015 से पेंशन 1200/-रू प्रतिमास की गई थी। दिनांक 01.01.2016 से इस योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा दरों को बढ़ाते हुए पेंशन 1400/-रू, दिनांक 01.11.2016 से पैंशन 1600/-रू तथा दिनांक 01.11.2017 से 1800/-रू प्रतिमास प्रति लाभपात्र कर दी गई है तथा दिनांक 01.01.2020 से 2250/-रू0 प्रतिमास प्रति लाभपात्र की गई है। पात्रता मानदण्ड इस योजना के अन्तर्गत 18 वर्ष या इससे अधिक आयु की महिलायें, यदि वह हरियाणा राज्य की अधिवासी हैं और आवेदन फार्म जमा करवाने की तिथि से पिछले एक वर्ष से हरियाणा राज्य की निवासी है और उसकी अपनी सभी साधनों से वार्षिक आय 2,00,000/-रू से कम हों और वह निम्न तीन शर्तो में से कोई एक शर्त पूर्ण करती है, पेंशन प्राप्त करने के लिए योग्य हैः- आवेदक विधवा है या आवेदक पति, माता-पिता और लड़कों के बिना निराश्रित है । आवेदक भौतिक/मानसिक अक्षमता से निराश्रित हैः- विवाहित महिला के केस में पति अथवा अन्य महिलाओं के केस में माता-पिता । अपवाद उपरोक्त के अलावा, यदि कोई महिला किसी सरकार अथवा किसी स्थानीय/स्वायत निकाय में नौकरी करती है या किसी सरकार अथवा स्थानीय/स्वायत निकाय से वित्तीय सहायता प्राप्त संगठन से पेंशन अथवा पारिवारिक पैंशन प्राप्त कर रही है, तो वह इस योजना के अन्तर्गत पेंशन प्राप्ति की पात्र नहीं होगी। सामाजिक सुरक्षा लाभ देने हेतू सरकारी अधिसूचना में ‘‘पेंशन‘‘ से अभिप्राय आय की प्राप्ति अथवा अन्य स्त्रोत से आय व जिसमें योजनाएं शामिल है। स्त्राेत : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा सरकार, हरियाणा।