अज़ीम प्रेमजी स्कॉलरशिप का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक कठिनाइयाँ उनकी शिक्षा में बाधा न बनें। चयनित छात्राओं को उनके स्नातक पाठ्यक्रम की अवधि के दौरान, जो 2 से 5 वर्ष तक हो सकती है, प्रति वर्ष ₹30,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार, उन्हें कुल मिलाकर ₹1.5 लाख तक की सहायता प्राप्त हो सकती है। इस राशि का उपयोग वे अपनी कॉलेज फीस या उच्च शिक्षा पूरी करने से जुड़े अन्य आवश्यक खर्चों के लिए कर सकती हैं। शामिल राज्य इस स्कॉलरशिप कार्यक्रम का देशभर में चरणबद्ध विस्तार किया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में इसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, और झारखंड के 100 से अधिक जिलों में शुरू किया गया था। वर्ष 2025-26 में यह स्कॉलरशिप कार्यक्रम 18 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश तक विस्तारित किया गया, जिनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। वर्ष 2026-27 में आंध्र प्रदेश और दिल्ली (NCT) को भी इस स्कॉलरशिप कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। राजस्थान भी अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के पात्र राज्यों में शामिल है। वर्ष 2024-25 में राजस्थान के 22 जिलों में इस योजना का पहला चरण संचालित किया गया था, जिसमें 5,200 छात्राओं को लाभ मिला। इसके बाद वर्ष 2025-26 में योजना का विस्तार राजस्थान के सभी 41 जिलों तक किया गया और फ़ाउंडेशन के अनुसार इस सत्र में राजस्थान की 19,956 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राजस्थान के साथ कुल 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पात्र छात्राएँ आवेदन कर सकती हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। कितनी मिलेगी छात्रवृत्ति राशि? अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के अंतर्गत चयनित छात्राओं को प्रत्येक वर्ष ₹30,000 दिए जाते हैं। यह राशि सीधे छात्रा के बैंक खाते में भेजी जाती है। छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग कॉलेज की फीस अथवा पढ़ाई से संबंधित अन्य आवश्यक खर्चों के लिए किया जा सकता है। दो वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए कुल ₹60,000, तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए ₹90,000 और चार वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए ₹1,20,000 तक की सहायता मिल सकती है। वहीं पाँच वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा करने वाली पात्र छात्रा को अधिकतम ₹1,50,000 तक की छात्रवृत्ति मिल सकती है। आगामी वर्षों में राशि प्राप्त करने के लिए नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। आवेदन कैसे करें ऑनलाइन पंजीकरण के लिए यहाँ क्लिक करें