राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित अम्बेडकर DBT वाउचर योजना का उद्देश्य घर से दूर दूसरे शहर में रहकर पढ़ाई करने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य उन पात्र छात्रों को आवासीय सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो जिला मुख्यालयों पर स्थित सरकारी कॉलेजों में नियमित स्नातक (अंडरग्रेजुएट) या स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) की पढ़ाई कर रहे हैं। इस योजना के माध्यम से, घर से दूर किराए के आवास में रहने वाले छात्र रहने-सहने, भोजन और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं के खर्च के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं। योजना के मुख्य लाभ इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और अल्पसंख्यक समुदायों के पात्र छात्रों को मिलेगा। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कुल 5,500 छात्रों को इसका लाभ दिया जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति के 1,500 छात्र, अनुसूचित जनजाति के 1,500 छात्र, अन्य पिछड़ा वर्ग के 750 छात्र, अति पिछड़ा वर्ग के 750 छात्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 500 छात्र और अल्पसंख्यक समुदायों के 500 छात्र शामिल हैं। इस योजना के तहत, पात्र छात्रों को शैक्षणिक सत्र के दौरान अधिकतम 10 महीनों के लिए प्रति माह 2,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस प्रकार, एक पात्र छात्र कुल 20,000 रुपये तक की सहायता प्राप्त कर सकता है। भुगतान निर्धारित नियमों के अनुसार मासिक आधार पर किया जाएगा। संचालन विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान सरकार। पात्रता और शर्तें योजना का लाभ उठाने के लिए, छात्र का राजस्थान का मूल निवासी होना और किसी विशिष्ट आरक्षित या पात्र श्रेणी से संबंधित होना आवश्यक है। छात्र का जिला मुख्यालय पर स्थित किसी सरकारी कॉलेज में नियमित स्नातक या स्नातकोत्तर शैक्षणिक कार्यक्रम में नामांकित होना अनिवार्य है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, छात्र उस जिले के नगर निगम, नगर परिषद या नगरपालिका क्षेत्र का निवासी नहीं होना चाहिए, जहाँ उसका सरकारी कॉलेज स्थित है। इसके अलावा, यदि छात्र के माता-पिता या अभिभावकों का उसी शहर में अपना घर है, तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना का लाभ अधिकतम पाँच वर्षों तक लिया जा सकता है। सरकारी हॉस्टल में रहने वाले छात्र इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अति पिछड़ा वर्ग (MBC) और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए परिवार की अधिकतम वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख रुपये; अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 1.50 लाख रुपये; और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 1.00 लाख रुपये तय की गई है। आवेदन कैसे करें? इच्छुक और पात्र छात्र 'ई-मित्र' (e-Mitra) या अपनी SSO ID के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। SSO ID का उपयोग करके आवेदन करने के लिए, छात्रों को पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) पर लॉग इन करना होगा और 'SSO' आइकन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद, डैशबोर्ड से वे 'DBT वाउचर' (DBT Voucher) आइकन पर जाकर अपने 'जन आधार' (Jan Aadhaar) कार्ड का उपयोग करके आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया के दौरान, उम्मीदवारों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इनमें मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन आधार और आधार विवरण, बैंक खाते की जानकारी, सरकारी कॉलेज में नियमित रूप से नामांकित होने का प्रमाण पत्र, किराए के आवास से संबंधित स्व-प्रमाणित दस्तावेज, और पिछले शैक्षणिक वर्ष में उत्तीर्ण कक्षा की मार्कशीट शामिल हैं। पात्रता, शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://sje.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं।