<h3 style="text-align: justify;">परिचय </h3> <p style="text-align: justify;">महिलाओं के साथ लिंग विभेद/असमानता के फलस्वरूप महिलाओं के विरूद्ध हिंसा अनेक रूपों में समाज में विद्यमान है। महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा की विभिन्न घटनाओं यथा घरेलू हिंसा, लैंगिक हिंसा, दहेज उत्पीड़न, अवैध मानव व्यापार, बाल विवाह, लिंग चयन व भू्रण हत्या आदि की त्वरित सूचना प्राप्ति एवं उस पर शीघ्र कार्यवाही होने पर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने में सहायता मिल सकती है। इसी परिपेक्ष्य में योजना पायलेट रूप में भारत शासन द्वारा प्रदेश के दुर्ग एवं कोरिया जिले में विगत वर्ष 2017-18 से लागू की गई है।</p> <h3 style="text-align: justify;">मिलने वाली सुविधाएं</h3> <ul> <li style="text-align: justify;">महिला पुलिस स्वयं सेवक समाज और पुलिस के बीच जेण्डर आधारित मुद्दों पर एक सेतु के रूप में कार्यरत है और नागरिक एवं पुलिस के बीच सुविधा लिंक की तरह कार्य कर रही है।</li> <li style="text-align: justify;">महिला पुलिस स्वयं सेविका पुलिस स्टेशन में पदस्थ पुलिस निरीक्षक को सीधे रिपोर्ट कर रही है।</li> <li style="text-align: justify;">स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को बेहतर सेवा प्रदान करने हेतु आवश्यक सुझाव एवं फीडबैंक प्रदान करना।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">सम्पर्क</h3> <p style="text-align: justify;">सम्बन्धित जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/परियोजना अधिकारी/एस.डी.पी.ओ./पर्यवेक्षक/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/ महिला पुलिस स्वयं सेविका।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत: महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन। </p>