<p style="text-align: justify;">भारत में कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। बदलते समय के साथ खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री कृषि उद्यम योजना (Mukhyamantri Krushi Udyog Yojana – MKUY) की शुरुआत की है। यह योजना किसानों, युवाओं और उद्यमियों को कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में व्यावसायिक उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान करती है।</p> <h3 style="text-align: justify;">योजना का उद्देश्य</h3> <p style="text-align: justify;">MKUY का मुख्य उद्देश्य कृषि को पारंपरिक गतिविधि से आगे बढ़ाकर उद्यमिता से जोड़ना है। इसके माध्यम से सरकार चाहती है कि किसान और युवा कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश करें, जिससे</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>किसानों की आय बढ़े,</li> <li>ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हों,</li> <li>और कृषि आधारित उद्योगों को मजबूती मिले।</li> </ul> <h3 style="text-align: justify;">योजना के प्रमुख लाभ</h3> <p style="text-align: justify;">इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है <strong>पूंजी निवेश पर सब्सिडी</strong>।</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>सामान्य श्रेणी के उद्यमियों को कुल स्थायी पूंजी निवेश का <strong>40% तक सब्सिडी</strong> दी जाती है।</li> <li>अनुसूचित जाति/जनजाति, महिलाएं, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर और कृषि या संबद्ध विषयों में</li> <li>स्नातक उद्यमियों को <strong>50% तक सब्सिडी</strong> का प्रावधान है।</li> <li>अधिकतम सब्सिडी सीमा <strong>₹1 करोड़ </strong>तक रखी गई है।</li> <li>किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह (SHG), सहकारी समितियाँ और NGOs भी इस योजना के अंतर्गत लाभ उठा सकते हैं।</li> </ul> <p style="text-align: justify;">यह आर्थिक सहायता नए उद्यमों की स्थापना को आसान बनाती है और शुरुआती जोखिम को कम करती है।</p> <h3 style="text-align: justify;"> किन उद्यमियों को शामिल किया गया है</h3> <p style="text-align: justify;">MKUY योजना को समावेशी बनाया गया है। इसके अंतर्गत:</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>व्यक्तिगत किसान और उद्यमी,</li> <li>FPO/FPC,</li> <li>स्वयं सहायता समूह,</li> <li>सहकारी संस्थाएँ,</li> <li>सोसाइटी और NGOs,</li> <li>तथा कृषि आधारित कंपनियाँ आवेदन कर सकती हैं।</li> </ul> <p style="text-align: justify;">आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और परियोजना हेतु भूमि का स्वामित्व या दीर्घकालिक लीज़ होना आवश्यक है।</p> <h3 style="text-align: justify;"> किस प्रकार के उद्यमों को बढ़ावा</h3> <p style="text-align: justify;">यह योजना केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि से जुड़े अनेक क्षेत्रों को कवर करती है, जैसे—</p> <ul style="text-align: justify;"> <li>डेयरी और पोल्ट्री फार्म,</li> <li>मत्स्य पालन और झींगा उत्पादन,</li> <li>बागवानी, फूलों की खेती,</li> <li>कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस,</li> <li>खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ,</li> <li>मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन आदि।</li> </ul> <p style="text-align: justify;">इस विविधता के कारण उद्यमी अपनी रुचि और संसाधनों के अनुसार परियोजना चुन सकते हैं।</p> <h3 style="text-align: justify;"> आवेदन प्रक्रिया</h3> <p style="text-align: justify;">योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल (<strong>APICOL/SUGAM</strong>) के माध्यम से किया जाता है। आवेदक को एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करनी होती है। जिला स्तरीय समिति द्वारा परियोजना की जांच के बाद स्वीकृति दी जाती है और परियोजना पूर्ण होने पर सब्सिडी जारी की जाती है।</p> <h3 style="text-align: justify;"> निष्कर्ष</h3> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री कृषि उद्यम योजना ओडिशा में कृषि को<strong> रोजगार और उद्योग से जोड़ने की एक दूरदर्शी पहल</strong> है। यह योजना न केवल किसानों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर देती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाती है। सही मार्गदर्शन और योजना के साथ MKUY कृषि क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलने की क्षमता रखती है।</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://apicol.nic.in/images/mkuy/MKUY%20Guideline_May%202024.pdf" target="_blank" rel="noopener">https://apicol.nic.in/images/mkuy/MKUY%20Guideline_May%202024.pdf</a></p>