<h3 style="text-align: justify;">परिचय </h3> <p style="text-align: justify;">ऐसे वृद्ध व्यक्ति जो अपने साधनों से जीवनयापन करने में असमर्थ हों और वित्तीय सहायता की आवश्यकता हो, को सामाजिक सरंक्षण प्रदान करने के उद्वेश्य से प्रारम्भिक स्तर पर संयुक्त पंजाब के समय 1-4-1964 से वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की गई थी। पेंशन की दर, जो योजना प्रारम्भ होने के समय 15/- रूपये मासिक थी, में समय-समय पर बढ़ौतरी की गई थी। हरियाणा सरकार द्वारा यह योजना 1-11-1966 से अपनाई गई और वर्ष 1966-67 के दौरान 2362 लाभपात्रों को कुल 24,680/-रूपये की राशि की पेंशन की अदायगी की गई। वर्ष 1987 में वृद्धावस्था पेंशन का उदारीकरण करते हुए 65 वर्ष या इससे अधिक आयु के व्यक्तियों को 17-6-87 से 100/-उद्देश्य मासिक दर से पेंशन की अदायगी की गई थी।</p> <p style="text-align: justify;">राज्य सरकार द्वारा इस योजना का और उदारीकरण करते हुये वृद्धावस्था पेंशन योजना-1991 , प्रारम्भ की गई जिसे अब;वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना का पुनर्नाम दिया गया है। यह योजना 1 जुलाई, 1991 से चालू की गई। इसमें पात्रता की आयु 65 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष की गई।</p> <h3 style="text-align: justify;">उद्देश्य</h3> <p style="text-align: justify;">इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंदों विशेषकर समाज के निर्धन वर्गों जैसे कृषि मज़दूर, ग्रामीण दस्तकार, अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्गाें के सदस्यों व लघु तथा मध्यमवर्गीय किसानों आदि को, वृद्धावस्था भत्ता का लाभ देना सुनिश्चित करना है। वर्ष 1991 से अक्तूबर, 1999 तक 100/- रू मासिक दर से पेंशन दी जाती थी, जो नवम्बर, 1999 से बढ़ाकर 200/-रूपये मासिक कर दी गई थी। नवम्बर, 2004 से इसमें और बढ़ाेतरी करते हुये 300/-रू मासिक एवं 1 मार्च, 2009 को 500-700/-रूपये प्रतिमास तथा इसमें और बढ़ोतरी करते हुए 01-01-2014 से 1000/-रूपये प्रतिमास पेंशन की गई थी। दिनांक 01.01.2015 से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता की दरें बढ़ाकर 1200/-रू, दिनांक 01.01.2016 से 1400/-रूपये , दिनांक 01.11.2016 से 1600/-रूपये तथा दिनांक 01.11.2017 से 1800/-रूपये प्रतिमास प्रति लाभपात्र की गई है तथा दिनांक 01.01.2020 से 2250/-रूपये प्रतिमास प्रति लाभपात्र की गई है।</p> <h3 style="text-align: justify;">पात्रता मानदण्ड</h3> <p style="text-align: justify;">पहले पात्रता की शर्तें जटिल तथा जनसाधारण के समझने योग्य नहीं थी। इसलिये योजना की सही भावना के अनुरूप, सरकार द्वारा पात्रता मानदण्डों को सरल कर दिया गया है। वर्तमान में ऐसा व्यक्ति वृद्धावस्था सम्मान भत्ता स्वीकृति के लिये पात्र है, यदि</p> <ol> <li style="text-align: justify;"> उसकी आयु 60 वर्ष या इससे अधिक है; तथा</li> <li style="text-align: justify;"> वह हरियाणा राज्य का मूल निवासी है और हरियाणा में रह रहा है तथा उसकी स्वयं व पति/पत्नी सहित सभी साधनों से आय 2,00,000/-रू वार्षिक से अधिक नहीं है।</li> </ol> <h3 style="text-align: justify;">अपवाद</h3> <p style="text-align: justify;">उपरोक्त के अलावा, यदि कोई व्यक्ति किसी सरकार अथवा स्थानीय/स्वायत निकाय या किसी सरकार अथवा स्थानीय/स्वायत निकाय से वित्तीय सहायता प्राप्त संगठन से पेंशन प्राप्त कर रहा/रही है, तो वह इस योजना के अन्तर्गत भत्ता प्राप्ति का पात्र नहीं होगा/होगी। सामाजिक सुरक्षा लाभ देने हेतू सरकारी अधिसूचना में पैंशन; से अभिप्राय आय की प्राप्ति अथवा अन्य स्त्रोत से आय व जिसमें योजनाएं शामिल है:</p> <ul> <li style="text-align: justify;">प्रोविडेंट फण्ड, अथवा</li> <li style="text-align: justify;">किसी भी स्त्रोत से आय में व्यवसायिक बैंक, वितीय संस्थान अथवा बीमा आदि शामिल हैं।</li> </ul> <p style="text-align: justify;">पेंशन का वितरण फरवरी, 2006 से पंचायती राज संस्थाओं से करवाया जा रहा था जोकि पहले रेविन्यू विभाग के माध्यम से वितरण करवाया जाता था ।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा सरकार, हरियाणा। </p>